Saturday, June 26, 2010
ललमुनिया मक्खी की छोटी सी कहानी
अभी तहलका के साहित्य विशेषांक में एक छोटी सी कहानी आई है ललमुनिया मक्खी की छोटी सी कहानी। कुछ अलग हटकर कहानी लिखने की कोशिश की है हो सके तो जरुर देखें.
Thursday, June 24, 2010
श्रेष्ठ हिंदी कहानियां

इस वर्ल्ड बुक फिर पर पीपुल्स पब्लिशिंग हाउस के द्वारा आजादी के बाद की श्रेष्ठ हिंदी कहनियों के चयन की योजना बनायीं। इस पूरी योजना की जिम्मेदारी वरिष्ठ आलोचक कमला प्रसाद ने ली। हर दशक के अलग अलग संपादक बनाये गए। १९५० से यह २०१० तक हर दशक की कहानियों की यात्रा है। कमला जी ने १९९०-२००० के दशक की जिम्मेदारी मुझे और ज्योति चावला को संयुक्त रूप से दी। इसमें क्रमशः खगेन्द्र ठाकुर, स्वयं प्रकाश, केवल गोस्वामी, लीलाधर मंडलोई, उमा शंकर चौधरी , ज्योति चावला और कमला प्रसाद संपादक हैं। यहाँ मैं अपने दशक वाले अंक का कवर लगा रहा हूँ।
दलित विमर्श पर पुस्तकें
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