यहां सिर्फ साहित्य है और कुछ जिन्दगी
बहुत प्यारी लग रही है.
बिटिया को ढेर सारा प्यार.अपना शहर तो छूट गया तो चाचा/अंकल कहनेवाले भी छूट गए। इस दिल्ली शहर में इन्हीं बच्चों से सांठ-गांठ बनेगी,इन्हीं से रिश्ते हरे होंगे।बहुत-बहुत प्यार नन्ही को...
बहुत प्यारी लग रही है.
ReplyDeleteबिटिया को ढेर सारा प्यार.अपना शहर तो छूट गया तो चाचा/अंकल कहनेवाले भी छूट गए। इस दिल्ली शहर में इन्हीं बच्चों से सांठ-गांठ बनेगी,इन्हीं से रिश्ते हरे होंगे।
ReplyDeleteबहुत-बहुत प्यार नन्ही को...